International Women-s Day Special Poem in Hindi | Best Poems on Womens Day

Updated : Feb 22, 2021 01:17 AM

International Women-s Day Special Poem in Hindi- हर वर्ष हर देश में 8 मार्च को अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के रूप में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन दुनियां के देशों द्वारा महिलाओं के प्रति सम्‍मान, प्‍यार और प्रशंसा व्‍यक्‍त किया जाता है, उनकी सामजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्‍य में उत्‍सव मनाया जाता है।  साल 1908 में 15 हजार औरतों ने न्यूयॉर्क शहर में नौकरी में कम घंटों की मांग की थी। इसके अलावा महिला ने वोट देने के अधिकार की भी मांग की। इसके बाद 1 साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमरीका ने इस दिन को पहला राष्टीय महिला दिवस घोषित किया। सबसे पहला महिला दिवस 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में मनाया गया।

International Women’s Day Poem in Hindi-

सहज एक प्रकाश है वो,
विरहद एक ताल है वो,
स्थाई एक भाव है वो,
निर्माण की इकाई है वो,
भावो की गहराई है वो,
ममता की मूरत है वो,
सहनशीलता की सूरत है वो,
सादगी की परिकल्पना है वो,
ना निर्बल ना असहाय है वो,
शक्ति का प्रतिरूप है वो,
ईश्वर की अद्वितीय रचना है वो,
समय की सूचक है वो,
काल की गरिमा है वो,
सम्मान की अधिकारी है वो,
हर घर की किलकारी है वो,
सृजन वो, त्याग वो, करुणा वो,
अनुकम्पा वो, है वरदान वो,
लक्ष्मी वो, सरस्वती वो,दुर्गा वो,
तो साथ मे माहाकाली वो,
महासागर सी शान्त वो,
तो नदिया जैसी चंचल वो,
जननी वो, पुत्री वो, बेहना वो,
कदम से कदम मिलाती अर्द्धांगिनी है वो,
हर चीज़ जिसके बिना अधूरी,
ऐसी अनमोल, ख़ुदा की भी कल्पना है वो,
कौन है वो, सब के चेहरे की मुस्कान है वो,
वो नारी है, मानव के लिए जीवनदान है वो।

 

Special Poem on Women's Day-

ऐ नारी! तुम श्रध्दा हो,
नई, जवां या फिर वृध्दा हो,
नम्र, सहज और तुम निर्मल हो,
नाज़ुक, निश्छल, तुम कोमल हो,
तुम्हीं मेरे जीवन का कल हो,
पुरुष नहीं, हर प्रश्न का हल हो,
जैसी हो तुम वैसी अच्छी हो,
सब कुछ खोकर भी सच्ची हो,
ऐ नारी! तुम पुरुष नहीं बन पाओगी,
हाँ.. तुम पुरुष भी क्यों बनना चाहोगी।


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