Best Thoughts of Guru Govind Singh in Hindi | Guru Gobind Singh Ke Anmol Vichar

Updated : Oct 6, 2020 12:13 AM

Best Thoughts of Guru Govind Singh in Hindi | Guru Gobind Singh Ke Anmol Vichar-

गुरु गोबिंद सिंह के विचार (गुरु गोबिंद सिंह जयंती की हार्दिक बधाई!)

1- अगर आप केवल भविष्य के बारे में सोचते रहेंगे, तो वर्तमान भी खो देंगे।

2- हमे सबसे महान सुख और स्थायी शांति तभी प्राप्त हो सकती है जब हम अपने भीतर से स्वार्थ को समाप्त कर देते है।

3- जब आप अपने अन्दर से अहंकार मिटा देंगे, तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी।

4- मेरी बात सुनो जो लोग दुसरे से प्रेम करते है वही लोग प्रभु को महसूस कर सकते है।

5- मैं उन लोगों को पसंद करता हूँ जो सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं। 5- ईश्वर ने हमें जन्म दिया है ताकि हम संसार में अच्छे काम करें और बुराई को दूर करें।

6- इंसान से प्रेम ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है।

7- भगवान स्वय उनके मार्ग बनाते है जो लोग अच्छाई का कर्म करते है।

8 -अच्छे कर्मों से ही आप ईश्वर को पा सकते हैं। अच्छे कर्म करने वालों की ही ईश्वर मदद करता है।

9- उन्ही लोगो का जीवन पूर्ण है जिनके अंदर भगवान के नाम को महसूस करते है।

10- असहायों पर अपनी तलवार चलाने वाले का खून ईश्वर बहाता है।

11- अज्ञानी व्यक्ति पूरी तरह से अँधा होता है वह गहना के मूल्य की सराहना नही करता है बल्कि उसके चकाचौंध की तारीफ करता है।

12- बगैर गुरु के किसी को भगवान का नाम नहीं मिलता।

13- स्वार्थ ही अशुभ संकल्पों को जन्म देता है।.

14- जितना संभव हो सके, जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए।

15- जब इंसान के पास सभी तरीके विफल हो जाएं तब ही हाथ में तलवार उठाना सही है।

16- जो कोई भी मुझे भगवान कहे, वो नरक में चला जाए।

17- हर कोई उस सच्चे गुरु की जयजयकार और प्रशंसा करे जो हमें भगवान की भक्ति के खजाने तक ले गया है।

18- मृत्यु के शहर में, उन्हें बाँध कर पीटा जाता है, और कोई उनकी प्रार्थना नहीं सुनता है।

19- भगवान के नाम के अलावा कोई मित्र नहीं है, भगवान के विनम्र सेवक इसी का चिंतन करते और इसी को देखते हैं।

20- हे ईश्वर मुझे आशीर्वाद दें कि मैं कभी अच्छे कर्म करने में संकोच ना करूँ।

21- सचमुच वे गुरु धन्य है जिन्होंने भगवान के नाम को याद करना सिखाया।

22- मैं लोगो को के पैरो में गिरता हु जो लोग सच्चाई पर विश्वास रखते है।

23- सत्कर्म कर्म के द्वारा, तुम्हे सच्चा गुरु मिलेगा, और उसके बाद प्रिय भगवान मिलेंगे, उनकी मधुर इच्छा से, तुम्हे उनकी दया का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

24- मैं उस गुरु के लिए न्योछावर हूँ, जो भगवान के उपदेशों का पाठ करता है।

25- सेवक नानक भगवान के दास हैं, अपनी कृपा से, भगवान उनका सम्मान सुरक्षित रखते हैं।

26- मुझे उसका सेवक मानो. और इसमें कोई संदेह मत रखो।

27- ये मित्र संगठित हैं, और फिर से अलग नहीं होंगे, उन्हें स्वयम सृजनकर्ता भगवान् ने एक किया है।

28- दिन-रात, हमेशा ईश्वर का ध्यान करो। 26- अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान करें।


Sharing Is Caring

Please share this article to express your love. Also Follow us on Facebook, Instagram & Pinterest.

Related Posts :