गणतंत्र दिवस पर सर्वश्रेष्ठ विचार- Best Thoughts on the Republic day

Updated : Oct 22, 2020 11:31 PM

गणतंत्र दिवस पर सर्वश्रेष्ठ विचार- Best Thoughts on the Republic day

सामान्यता के गणराज्य में, प्रतिभा खतरनाक है। – रोबर्ट ग्रीन इंगरसोल

बाइबिल वो चट्टान है जिसपर ये गणतंत्र टिका है। – एंड्रू जैक्सन

सहिष्णुता और स्वतंत्रता एक महान गणतंत्र की नींव हैं । – फ्रैंक लॉयड राइट

नागरिकता देश की सेवा में निहित हैं. – जवाहरलाल नेहरू

दुनिया सामान्यता का एक गणराज्य है, और हमेशा था। – थॉमस कार्लाइल

गणतंत्र की उम्मीद किस पर टिकी हुई है? एक देश, एक भाषा, एक झंडा! – अलेक्जेंडर हेनरी

गणतंत्र का भाग्य बदलने की शक्ति भावी पीढ़ी के पत्रकारों के हाथों में होगी। – जोसेफ पुलित्जर

हमारा गणतंत्र और उसकी प्रेस एक साथ उठेंगे या गिर जायेंगे। – जोसेफ पुलित्जर

मुझे उन लोगों से समस्या है जो संविधान को हलके में लेते हैं और बाइबिल को हकीकत में। – बिल मेहर

अरब रिपब्लिक ऑफ़ इजिप्ट का राष्ट्रपति सशस्त्र बलों का कमांडर है, पूर्ण विराम। – मुहम्मद मोर्सी

हमारा संविधान काम करता है। हमारा माहन गणतंत्र कानूनों की सरकार है , पुरुषों की नहीं। – गेराल्ड आर फोर्ड

नया गणतंत्र विविधता, सम्मान और सभी के लिए समान अधिकार पर आधारित होना चाहिए. – एवो मोरालेस

किसी गणतंत्र में इस नियम का ध्यान रखना चाहिए कि बहुमत के पास प्रबल शक्ति ना हो। – मार्कस टूलियस सिसेरो

संविधान निर्माण के समय अक्सर गलतियाँ हो जाती है, जिन्हें ठीक करना भावी पीढ़ी का दायित्व हो जाता है.

किसी देश के संविधान में समय के साथ जब सुधार नहीं किए जाते हैं, तब उस देश में लोकतान्त्रिक मूल्यों का हनन होने लगता है.

लोकतंत्र में हो अधिकारों और कर्तव्यों का संतुलन यही संदेश देता है गणतन्त्र दिवस. गणतन्त्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ.

सच्चा गणराज्य : आदमी, उनके अधिकार और कुछ नहीं, औरत, उनके अधिकार और उससे कम कुछ नहीं। – फ्रेंकलिन पी. एडम्स

संविधान में किसी चीज के साथ हस्तक्षेप नहीं कीजये। उसे बनाये रखा जाना चाहिए, क्योंकि हमारे स्वतंत्रता का यही एक रक्षक है। – अब्राहम लिंकन

सोसायटी एक रिपब्लिक है। जब कोई खुद को औरों से ऊपर उठाना चाहता है तो उन्हें उपहास या बदनामी के द्वारा लोग नीचे खींच लेते हैं। – विक्टर ह्यूगो

मैंने हमेशा ये माना है कि किसी आदमी के गुण को उसे धोखा देने का साधन बनाना मानव प्रकृति के महान गणतंत्र के खिलाफ राजद्रोह के सामान है। – सैमुअल जॉनसन

मुझे लगता है संविधान व्यवहारिक है , ये शांतिकाल और युद्धकाल दोनों ही समय देश को बांधे रखने के लिए लचीला भी है और मजबूत भी। वास्तव में मैं कह सकता हूँ कि , यदि नए संविधान के अंतर्गत कुछ गलत होता है, तो उसका कारण ये नहीं होगा कि हमारा संविधान खराब है। हमें ये कहना होगा कि ये मनुष्य की नीचता थी। – बी. आर. अम्बेडकर


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